पोलमपल्ली में विशेष ग्राम सभा, सूचना पट्ट बना चर्चा का केंद्र
सुकमा :- ग्राम पंचायत पोलमपल्ली में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में पारंपरिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए।

ग्राम सभा के निर्णयों और ग्रामीणों को स्थानीय व्यवस्था की जानकारी देने के उद्देश्य से ग्राम में एक सार्वजनिक सूचना एवं चेतावनी पट्ट भी लगाया गया है। यह सूचना पट्ट अब ग्रामीणों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूचना पट्ट में ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के बिना ग्राम सीमा के भीतर धार्मिक सभा, प्रचार-प्रसार अथवा धर्मांतरण संबंधी गतिविधियां नहीं करने की बात कही गई है। इसके अलावा पादरी, मिशनरी संस्थाओं और प्रचारकों के प्रवेश तथा घर-घर प्रचार के संबंध में ग्राम सभा को पूर्व सूचना एवं अनुमति की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है।
ग्राम सभा में पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाज, आस्था, संस्कृति और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों ने ग्राम की शांति, सामाजिक एकता और सामुदायिक व्यवस्था को बनाए रखने की सामूहिक प्रतिबद्धता जताई।
बैठक के दौरान पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभा को प्राप्त अधिकारों एवं जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। ग्राम सभा के निर्णयों और स्थानीय व्यवस्था के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार प्रशासन को सूचना देने तथा आवश्यक कार्रवाई की बात भी कही गई है।
जनपद पंचायत सदस्य मड़कम भीमा ने कहा कि विशेष ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम की परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया है। सूचना पट्ट के जरिए ग्राम सभा के निर्णयों को सार्वजनिक रूप से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य ग्राम में शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
पोलमपल्ली में ग्राम सभा के निर्णयों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की यह पहल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, ग्राम सभा के अधिकारों और निर्णयों के क्रियान्वयन से जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी वैधानिकता और प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
