क्या सिर्फ कागजों में चल रहा है स्वच्छता अभियान?
दोरनापाल के वार्ड नंबर 3 का सुलभ शौचालय महीनों से बंद, ग्रामीण परेशान
सुकमा :- दोरनापाल नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड क्रमांक 3 में स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय पिछले करीब 4 से 5 महीनों से बंद पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और सप्ताहिक बाजार में आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

दोरनापाल का सप्ताहिक बाजार क्षेत्र आसपास के कई गांवों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बाजार के पास स्थित शौचालय बंद होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है। मजबूरी में लोगों को खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे स्वच्छता अभियान के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार नगर पंचायत प्रशासन को दी गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। महीनों बीत जाने के बाद भी शौचालय की मरम्मत या संचालन शुरू नहीं हो सका है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि नगर पंचायत विकास और साफ-सफाई के नाम पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन एक सार्वजनिक शौचालय तक चालू नहीं करवा पा रही।
इस मामले में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बबीता माड़वी ने भी नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता को मूलभूत सुविधाएं तक समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित हैं और जमीनी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
बबीता माड़वी ने कहा कि सप्ताहिक बाजार में दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रहा।
लोगों का कहना है कि नगर पंचायत केवल टैक्स वसूली और योजनाओं के प्रचार तक सीमित होकर रह गई है, जबकि जमीनी सुविधाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं।
अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और बंद पड़े सुलभ शौचालय को कब तक शुरू कराया जाता है।
