जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने खोली स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल
सुकमा :- जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल इन दिनों खुद “बीमार व्यवस्था” का शिकार नजर आ रहा है। भीषण गर्मी के बीच जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में मरीजों को राहत के बजाय परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि जहां गंभीर मरीजों को ठंडी और सुरक्षित सुविधा मिलनी चाहिए, वहां उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं।
आईसीयू रूम में लगी दो एसी मशीनों में से एक लंबे समय से बंद पड़ी हुई है, जबकि दूसरी एसी 17 डिग्री पर चलने के बावजूद नाम मात्र की हवा दे रही है। ऐसे में आईसीयू के भीतर गर्मी और उमस का माहौल बना हुआ है।
गंभीर मरीज गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे हैं, वहीं उनके परिजन गमछे और तख्ती से हवा कर किसी तरह राहत देने की कोशिश कर रहे हैं। अस्पताल की यह तस्वीर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
एक ओर शासन और जिला प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल की जमीनी हकीकत उन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आए दिन अव्यवस्थाओं की शिकायत सामने आती रहती है, लेकिन सुधार के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर गंभीर मरीजों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
जिला अस्पताल की यह तस्वीर “बदलते बस्तर” के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
