60 के दशक में शिक्षा का दीप जलाने वाली फुलवती दास नहीं रहीं, विधायकों की भी थीं गुरु
सुकमा :- सुकमा जिले के शिक्षा जगत की आधार स्तंभ और रामाराम गांव की प्राथमिक शाला में दशकों तक सेवा देने वाली सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती फुलवती दास का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
60 के दशक में जब सुकमा विधानसभा क्षेत्र के दक्षिणांचल में शिक्षा की स्थिति बेहद कमजोर थी, तब श्रीमती फुलवती दास ने अपने पति स्वर्गीय क्राइष्ट दास के साथ मिलकर रामाराम गांव की प्राथमिक शाला में अपनी सेवाएं दीं। दोनों ने मिलकर इस दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा का दीप प्रज्वलित किया और गांव को शिक्षित बनाने की मजबूत नींव रखी। वर्षों तक निस्वार्थ भाव से अध्यापन कर उन्होंने इस क्षेत्र की कई पीढ़ियों का भविष्य संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खास बात यह है कि कोंटा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक हांडा राम और मनीष कुजाम भी उनके शिष्यों में शामिल हैं।
श्रीमती फुलवती दास का पूरा परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके परिजनों में दिवाकर दास, सेवानिवृत्त शिक्षक, स्वर्गीय शुभाकर दास, सेवानिवृत्त शिक्षक, श्रीमती दीपिका सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक, श्रीमती रेणुका सुना, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं भाजपा महिला मोर्चा की सक्रिय सदस्य, प्रभाकर दास, सेवानिवृत्त शिक्षक और श्रीमती अनीता सिंह, महिला एवं बाल विकास अधिकारी शामिल हैं।
उनके निधन से सुकमा जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित सेविका खो दी है।
अंतिम संस्कार:
श्रीमती फुलवती दास का अंतिम संस्कार 12.07.2026, रविवार को शाम 3 बजे निवास स्थान नाकापारा, सुकमा से पटनमपारा कब्रिस्तान के लिए निकाला जाएगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति दे।
