महंगाई और पेट्रोल किल्लत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुकमा में जनता से सीधा संवाद
सुकमा :- देश में बढ़ती महंगाई और डीजल-पेट्रोल की किल्लत को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सुकमा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री द्वारा “कम इस्तेमाल करो” संबंधी बयान के बाद पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़ और लंबी कतारों को लेकर कांग्रेस ने सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के जिला मुख्यालय के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सुकमा जिला मुख्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और उनकी परेशानियां सुनीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आसपास के होटलों में जाकर होटल संचालकों तथा राहगीरों से भी चर्चा की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेलने को मजबूर है।
कांग्रेस ने लगाए सरकार विरोधी नारे
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जुमले नहीं, राहत चाहिए” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार 100 रुपये के पार बनी हुई हैं, जबकि सरकार टैक्स कम करने के बजाय जनता को कम इस्तेमाल करने की सलाह दे रही है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने गृहिणियों का रसोई बजट बिगाड़ दिया है। रसोई गैस, खाद्य तेल और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
हरीश कवासी लखमा ने साधा निशाना
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से किसान, मजदूर, व्यापारी और आम नागरिक सभी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल महंगा होने से किसानों की खेती-किसानी की लागत बढ़ गई है, वहीं होटल व्यवसाय और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विज्ञापन और फिजूलखर्ची कम कर जनता को राहत देने पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए और एक्साइज3 ड्यूटी घटाकर आम लोगों को राहत दी जाए।
गृहिणियों ने भी जताई नाराजगी
पेट्रोल पंप पर मौजूद गृहिणी सुनीता मरकाम ने कहा कि बढ़ती महंगाई से घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान महंगे होने से परिवार का बजट बिगड़ गया है।
