NH-30 से महज 4 किमी दूर मारीपारा आज भी विकास से कोसों दूर, सड़क-स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क के लिए तरस रहे ग्रामीण
सुकमा :- जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केरातोग के मारीपारा गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) से महज तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में सड़क, स्वास्थ्य सुविधा, मोबाइल नेटवर्क सहित कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन लगातार दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने के दावे करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे इस गांव तक भी शासन की मूलभूत योजनाओं का लाभ पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है।
सबसे बड़ी समस्या सड़क की है। बरसात के दिनों में कच्चा मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। कई बार ग्रामीणनो के बीमार होने पर उसे खाट पर उठाकर तीन से चार किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक लाना पड़ा है। इसके बाद ही मरीज को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था हो पाई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण आपातकालीन स्थिति में 102, 108 एंबुलेंस जैसी स्वास्थ्य सेवाओं से भी संपर्क नहीं हो पाता। इससे समय पर इलाज नहीं मिलने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से मांग की है कि गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए, ताकि उन्हें भी अन्य गांवों की तरह बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
