हर गांव और आश्रम-छात्रावास तक पहुंचेगा योग अभियान, 2 हजार शिक्षकों की भर्ती

“नक्सल मुक्त बस्तर के बाद अब योगयुक्त बस्तर की तैयारी”

योग आयोग अध्यक्ष बोले- बस्तर से होगी प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत; दंतेवाड़ा में बनेगा पांच एकड़ में योग व नेचुरोपैथी वेलनेस सेंटर

सुकमा :- बस्तर अब नक्सल मुक्त हो चुका है, अब इसे योगयुक्त बनाना है।” इसके लिए बस्तर संभाग के सात जिलों में 1700 से 2000 योग शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ये शिक्षक आश्रम-छात्रावासों के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को योग, आयुर्वेद और स्वदेशी चिकित्सा से जोड़ेंगे। उक्त बातें छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने गुरुवार को सुकमा में अपने पहले बस्तर दौरे के दौरान पत्रकारों से चर्चा में कही। इस दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष भुवनेश्वरी यादव, विश्वराज चौहान, संजय सोढ़ी और नूपुर वैदिक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रेसवार्ता में अग्रवाल ने कहा कि 18 जून को योग आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद उनकी प्राथमिकता योग को मुख्यधारा की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की है। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में अभियान शुरू किया जा रहा है और इसकी शुरुआत बस्तर से होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। अब यहां विकास और स्वास्थ्य आधारित नए अभियान शुरू करने का समय है।

हर आश्रम में योग शिक्षक, गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान

योग आयोग अध्यक्ष ने बताया कि बस्तर के करीब 1700 से 1800 आश्रम-छात्रावासों को आधार बनाकर योग शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। नियुक्त शिक्षक प्रतिदिन दो घंटे आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को योग सिखाएंगे, जबकि छह घंटे गांवों में जाकर लोगों को योग के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय युवाओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी। केवल विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों की आवश्यकता होने पर ही बाहर से लोगों की सेवाएं ली जाएंगी। अग्रवाल ने बताया कि नियुक्ति से पहले सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। बस्तर संभाग के सातों जिलों के 32 विकासखंडों में एक साथ प्रशिक्षण होगा। सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के बाद परीक्षा ली जाएगी और सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी।

स्कूलों में योग होगा अनिवार्य

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के सभी स्कूलों में योग को अनिवार्य पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है। योग आयोग इसी दिशा में कार्ययोजना तैयार कर रहा है। योग आयोग अध्यक्ष ने बताया कि दंतेवाड़ा में पांच एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक योग एवं नेचुरोपैथी वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है। एक-दो महीने में इसकी कार्ययोजना तैयार कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों का उपचार किया जाएगा, ताकि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

व्यसन मुक्ति पर भी होगा विशेष अभियान

श्री अग्रवाल ने कहा कि योग आयोग शराब और अन्य नशों से मुक्ति के लिए भी विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत योग, प्राकृतिक चिकित्सा और औषधीय वनस्पतियों के माध्यम से लोगों को व्यसनमुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा से डायबिटीज, थायराइड सहित कई बीमारियों में भी लाभ मिल सकता है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव में योग शिक्षक पहले एक महीने तक घर-घर जाकर लोगों को योग के लिए प्रेरित करेंगे। इसके बाद गांव में ‘योग वाटिका’ के माध्यम से नियमित योग कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

 

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