भव्य शाला प्रवेशोत्सव में तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत, बंटे बैग, पुस्तक और गणवेश

‘जिलास्तरीय शाला प्रवेशोत्सव’ में छात्राओं को मिली सायकल, नीट आईआईटी में परचम लहरा रहे यहाँ के छात्र

सुकमा :- जिले के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने और शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए शबरी ऑडिटोरियम सुकमा में भव्य जिलास्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन बुधवार को किया गया। अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस गरिमामय समारोह में शिक्षा की महत्ता और बच्चों के सुनहरे भविष्य पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नवप्रवेशित नौनिहालों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे स्कूल की चौखट पर कदम रखने वाले नन्हे बच्चों के चेहरों पर एक नई चमक और उत्साह देखने को मिला।

 

कार्यक्रम के शुरुआती चरण में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। इसके तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को ‘सरस्वती सायकल योजना’ के अंतर्गत निःशुल्क 30 सायकलों का वितरण किया गया। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष श्री मंडावी ने स्वयं छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनके अध्ययन और भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी ली। इसके साथ ही, प्राथमिक कक्षाओं में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें, गणवेश (यूनिफॉर्म) और जरूरी स्टेशनरी सामग्रियां प्रदान की गईं, ताकि संसाधन किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बन सकें। इस अवसर पर कबाड़ से जुगाड़ के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाया गया था।

इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की एक बेहद प्रेरक और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि आज सुकमा के अंदरूनी इलाकों के छात्र भी अपनी प्रतिभा के दम पर NEET और IIT जैसे देश के प्रतिष्ठित उच्च शैक्षणिक संस्थानों में जगह बना रहे हैं। कलेक्टर ने रेखांकित किया कि जिला प्रशासन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह तत्पर है और इसी कड़ी में उनके बेहतर भविष्य के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधाओं के साथ-साथ सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी का भी शानदार संचालन किया जा रहा है।

जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने अपने संबोधन में बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पूरे मन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बदलते सुकमा की तस्वीर पेश करते हुए कहा कि अब क्षेत्र से नक्सलवाद का अंधेरा समाप्त हो चुका है और परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। आज हर माता-पिता, चाहे वे स्वयं पढ़े-लिखे न भी हों, अपने बच्चों को एक बेहतरीन और उच्च शिक्षा देने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि शिक्षा के महत्व से ही व्यक्ति कलेक्टर और एसपी जैसे उच्च पदों पर पहुँचकर समाज की सेवा कर सकता है, इसलिए छात्र पूरी लगन से देश के विकास में अपना योगदान दें।

समारोह के अंत में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य अतिथि श्री रूप सिंह मंडावी को एक विशेष स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। पूरा कार्यक्रम सुकमा में आ रहे एक बड़े वैचारिक और सामाजिक बदलाव का गवाह बना, जहाँ अब बच्चों के हाथों में किताबें और सुनहरे भविष्य के सपने हैं। कार्यक्रम का भव्य समापन जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी के आभार उद्बोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन की इन जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पूरी निष्ठा के साथ लागू करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर, एसी ट्राइबल हेमंत सिन्हा उपस्थित थे।

शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम, उपाध्यक्ष महेश कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष हूँगाराम मरकाम, जनपद अध्यक्ष सुकमा संतोष इडो, जनपद अध्यक्ष कोंटा श्रीमती कुसुमलता कोवासी, जनपद उपाध्यक्ष सुकमा श्रीमती रीना पेद्दी, नगरपालिका उपाध्यक्ष सुकमा श्रीमती भुनेश्वरी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माड़े बरसे, श्रीमती गीता कवासी, हूँगाराम मरकाम, सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, विश्वराज चौहान, रामा सोड़ी तरह अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

 

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