मूक-बधिर बेटी कोकी रेश्मा ने रचा सफलता का इतिहास : संघर्ष, साहस और जुनून से हासिल किए 70.4% अंक
सुकमा :- जिले के विकासखंड कोंटा से प्रेरणा देने वाली एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंटा की दिव्यांग (मूक-बधिर) छात्रा कु. कोकी रेश्मा ने कक्षा 12वीं की परीक्षा में 70.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
बेस कैम्प कोंटा निवासी कु. कोकी रेश्मा, कोकी राजू एवं इंद्रा की पुत्री हैं। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद रेश्मा ने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने कक्षा आठवीं तक “आकार” संस्था में शिक्षा प्राप्त की, जहाँ उनके शैक्षणिक जीवन की मजबूत नींव रखी गई। इसके बाद नवमी से बारहवीं तक उन्होंने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंटा में अध्ययन करते हुए निरंतर मेहनत और संघर्ष जारी रखा।
विद्यालय के प्राचार्य एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी एस.के. दीप ने बताया कि विद्यालय में रेश्मा की विशेष शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों द्वारा लगातार मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया, जिससे वह अपनी पढ़ाई में निरंतर आगे बढ़ सकीं।
विशेष परिस्थितियों और कठिन चुनौतियों के बीच रेश्मा ने जिस समर्पण, परिश्रम और साहस का परिचय दिया, वह आज क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो कोई भी बाधा सफलता की राह नहीं रोक सकती।
कु. कोकी रेश्मा की यह उपलब्धि केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मबल और सकारात्मक सोच की एक मिसाल है। उनकी सफलता पर आज पूरा कोंटा और सुकमा जिला गर्व महसूस कर रहा है। रेश्मा उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।
