सुकमा में लाल मिट्टी डंपिंग पर उठे सवाल, शबरी नदी पर मंडरा रहा खतरा
सुकमा — सुकमा जिले में इन दिनों भारी मात्रा में लाल मिट्टी डंपिंग का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जिला मुख्यालय के पास शबरी नदी के बेहद करीब लाल मिट्टी डंप की जा रही है, जिससे पर्यावरण और नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश और बाढ़ की स्थिति बनती है, तो यह लाल मिट्टी सीधे शबरी नदी में मिल सकती है, जिससे नदी का पानी प्रदूषित होने का खतरा बढ़ जाएगा।
शबरी नदी सुकमा जिले की जीवनरेखा मानी जाती है। जिले के हजारों लोग इसी नदी के पानी पर निर्भर हैं। कई गांवों में पीने के पानी से लेकर खेती और दैनिक उपयोग तक के लिए शबरी नदी ही मुख्य स्रोत है। ऐसे में नदी किनारे भारी मात्रा में मिट्टी डंपिंग को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस लाल मिट्टी का विरोध पड़ोसी दंतेवाड़ा जिले में हो रहा है, आखिर वही मिट्टी सुकमा में क्यों डंप की जा रही है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यावरणीय खतरे को नजरअंदाज कर प्रशासन आखिर किसके दबाव में यह काम होने दे रहा है।
मामले में जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि पर्यावरण और जनता से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर अब तक किसी जनप्रतिनिधि ने खुलकर बयान नहीं दिया है।
गौरतलब है कि एक-दो साल पहले लाल मिट्टी के मुद्दे को लेकर सुकमा भाजपा जिला अध्यक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन अब उसी जिले में बड़े पैमाने पर लाल मिट्टी डंपिंग होने से राजनीतिक और प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शबरी नदी को संभावित प्रदूषण से बचाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
