जंतर-मंतर में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की बस्तरिया राज युवा मोर्चा ने की निंदा
सुकमा। बस्तरिया राज युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेश नाग ने दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
राजेश नाग ने कहा कि NEET परीक्षा से जुड़े विवादों तथा बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों में चिंता और असंतोष पैदा किया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही हुई है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसी संदर्भ में बस्तरिया राज युवा मोर्चा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है।
राजेश नाग ने कहा कि बस्तरिया राज युवा मोर्चा सभी छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करता है तथा आंदोलन से जुड़े छात्रों और सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ संवाद स्थापित किया जाए और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जवाबदेह बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
