देवरपल्ली में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, जनजातीय समाज ने परंपराओं का हवाला देकर किया विरोध
बच्ची के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर मतभेद, परिवार शव लेकर दोरनापाल रवाना; जनपद सदस्य ने शांति और कानून पालन की अपील की
सुकमा :- जिले के ग्राम पंचायत गोरगुंडा के आश्रित ग्राम देवरपल्ली में एक बच्ची के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के अनुसार, ईसाई धर्म अपना चुके मांडवी पोदिया की पुत्री के निधन के बाद परिजन गांव में अंतिम संस्कार करना चाहते थे। इस दौरान ग्राम पटेल, पुजारी, पेरमा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनजातीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक व्यवस्था का हवाला देते हुए इसका विरोध किया।

विरोध के बाद संबंधित परिवार बच्ची के शव को अपने साथ दोरनापाल ले गया। घटना के दौरान जनपद सदस्य मड़कम भीमा एवं ग्राम पंचायत गोरगुंडा की सरपंच श्रीमती भीमे सोड़ी भी मौके पर मौजूद रहीं।
जनपद सदस्य मड़कम भीमा ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक जीवन से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने प्रशासन से भी ऐसे संवेदनशील मामलों में समय रहते संवाद स्थापित कर संतुलित समाधान सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे। घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य है
